अन्ना ने कहा है कि देश की जनता आठ दिनों तक संघर्ष करने के लिए तैयार रहें-------   प्रशांत भूषण: अन्‍ना को हिरासत में लिया जाना तानाशाही है। गलत ही नहीं, यह असंवैधानिक है। आपतकाल जैसे हालत बना रही है सरकार।---------------------------अनुपम खेर: प्रजातंत्र के लिए सबसे दुखद दिन है। वह भी आजादी की वर्षगांठ के एक दिन बाद। ऐसा नहीं था कि अन्‍ना जेपी पार्क पहुंच गए थे और कोई अशांति फैल गई थी।--------------------किरण बेदी: हम अन्‍ना के पीछे हैं। हमारे लोकतांत्रिक अधिकारों का हम पालन करेंगे। पुलिस ने जो किया है, उसकी आशंका थी। पर अन्‍ना डिगेंगे नहीं। ----------------
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अनफिट और बूढ़े खिलाड़ी नहीं जीत सकते सीरीज'

 टेस्ट मैचों की सीरीज में 0-3 से पिछड़ने के साथ ही भारत ने दुनिया की नंबर-1 टेस्ट टीम की रैंकिंग गंवा दी है और उस पर इंग्लैंड के हाथों सूपड़ा साफ होने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे पूर्व क्रिकेटर नाराज हैं।
टीम इंडिया से नाराज किस पूर्व खिलाड़ी ने क्या कहा
अनिल कुंबले- भारत के खराब प्रदर्शन को देखते हुए कई कारण हैं, जिन पर चर्चा की जा सकती है। मानसिक और शारीरिक थकान, फिटनेस की कमी, तैयारी की कमी, लगभग बच्चों जैसी भावना कि अगर अब तक सब कुछ सही हुआ है तो आगे भी ऐसा ही होता रहेगा। जहीर खान, हरभजन सिंह, गौतम गंभीर और वीरेंद्र सहवाग जैसे चोटी के खिलाड़ियों की चोट जैसी लंबी सूची है। फिटनेस की कमी भारतीय टीम के हिस्से की तरह है। काफी खिलाड़ी कड़ी मेहनत करने और सीरीज से पहले टॉप पर रहने के लिए बलिदान देने के लिए उत्सुक नहीं थे। जब दुनिया की नंबर एक टीम बड़े अंतर से हारती है तो उसकी कमियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है और उसके विरोधी को ज्यादातर श्रेय नहीं मिलता। इंग्लैंड भारत के लिए काफी बेहतर था। इस तथ्य को हजम करना संभवत: कुछ प्रशंसकों के लिए मुश्किल हो।

सौरभ गांगुली- लगातार तीन टेस्ट गंवाने के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता और भारत को यह सुनिश्चित करना होगा कि आगे ऐसा नहीं होगा। आप एक टेस्ट मैच गंवा सकते हो लेकिन लगातार तीन मैच गंवाना और बड़े स्कोर नहीं बना पाना चिंताजनक है। यह केवल एक सीरीज तक ही सीमित है या टीम के पतन की शुरुआत है यह देखना बाकी है।

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जेपी पार्क में अनशन पर अड़े अन्ना

नई दिल्ली।। अन्ना हजारे जेपी पार्क में बिना शर्त अनशन की इजाजत देने की मांग पर अब भी अड़े हैं। उनका कहना है जब तक दिल्ली पुलिस उन्हें जेपी पार्क में बिना शर्त अनशन की इजाजत नहीं देगी , तब तक वह तिहाड़ जेल से बाहर नहीं जाएंगे। उन्होंने तिहाड़ जेल में ही रात बिताई। मंगलवार को अन्ना ने जेल से रिहा होने से इनकार कर दिया था। अन्ना समर्थक अब भी तिहाड़ जेल के बाहर जमे हुए हैं।ऐसा लग रहा है कि तिहाड़ जेल का इलाका जेपी पार्क में तब्दील हो गई हो। पुलिस ने अन्ना को मनाने की दूसरी कोशिश की। पुलिस ने उनके सामने दो विकल्प रखे। पहला कि वह शर्त के साथ जेपी पार्क में 3 दिन अनशन करें या वह चाहें तो दिल्ली से बाहर उन्हें छोड़ा जा सकता है। अन्ना ने इन दोनों प्रस्तावों को खारिज कर दिया। अन्ना हजारे ने तिहाड़ जेल में ही रात बिताई। उन्हें जेल के एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक में कमरा दिया गया था , जहां उन्होंने रात बिताई। जेल में अन्ना में अनशन जारी है। इसी बीच श्री श्री रविशंकर अन्ना के अनशन को समर्थन देने के लिए तिहाड़ जेल पहुंचे। उन्होंने समर्थकों के साथ कुछ वक्त बिताया और फिर लौट गए। इससे पहले अन्ना हजारे ने तिहाड़ जेल से रिहा होने से इनकार कर दिया। दिल्ली पुलिस ने अन्ना हजारे और उनके साथियों को तिहाड़ जेल से रिहा करने के लिए रिलीज वॉरंट जारी कर दिया , लेकिन अन्ना ने इससे इनकार कर दिया। अन्ना ने सरकार से अनशन की बिना शर्त इजाजत देने की मांग की है। वह तिहाड़ जेल से अनशन के लिए सीधे जेपी पार्क जाना चाहते हैं। तिहाड़ जेल के प्रवक्ता ने बताया कि अन्ना हजारे और उनके साथियों को छोड़ दिया गया है , लेकिन उन्होंने बिना शर्त रिहाई की मांग रखी है। प्रवक्ता के मुताबिक अन्ना की मांगें ऊपर के अधिकारियों को बता दी गई हैं। अन्ना के सहयोगी मनीष सिसौदिया ने तिहाड़ जेल से बाहर आकर बताया कि अन्ना हजारे ने रिहा होने से इसलिए इनकार किया है , क्योंकि वह जेपी पार्क में अनशन करने की बिना शर्त इजाजत चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जेल में ही अन्ना और अरविंद केजरीवाल का अनशन जारी है। अन्ना हजारे को मंगलवार को गिरफ्तार कर शाम सवा चार बजे तिहाड़ जेल भेजने के कुछ घंटे बाद ही उन्हें रिहा करने का फैसला किया गया। दिल्ली पुलिस ने निजी मुचलका भरने की शर्त हटाकर रिलीज वॉरंट तिहाड़ जेल के डीजी को भेजा। रात करीब नौ बजे अन्ना की रिहाई की सारी औपचारिकताएं पूरी कर दी गईं , लेकिन अन्ना ने रिहाई से इनकार कर दिया। गौरतलब है कि इससे पहले पुलिस ने किरण बेदी और शांतिभूषण को रिहा कर दिया।अन्ना हजारे की गिरफ्तारी के खिलाफ सुबह से ही देशभर में विरोध-प्रदर्शनों ने सरकार को अपने कदम वापस खींचने पर मजबूर कर दिया है। सरकार को अंदेशा है कि अन्ना को जेल में रखने से स्थिति और बिगड़ सकती है। गौरतलब है कि अन्ना हजारे को मंगलवार सुबह मयूर विहार से गिरफ्तार किया गया था। दूसरी जगहों से उनके साथियों किरण बेदी , अरविंद केजरीवाल , शशिभूषण आदि को भी गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्हें 7 दिन की जुडिशल कस्टडी में शाम सवा चार बजे तिहाड़ जेल भेज दिया गया था। अन्ना ने वहां भी अनशन जारी रखते हुए खाना खाने से इनकर कर दिया था।

'पागलपन के चलते गिरफ्तार हुए अन्ना हजारे: सुबोध कांत
रांची।। केंद्रीय पर्यटन मंत्री सुबोध कांत सहाय ने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की गिरफ्तारी को उचित ठहराया और कहा कि उनके पागलपन के चलते उन्हें गिरफ्तार किया गया। सहाय ने मंगलवार को यहां पत्रकारों से चर्चा में कहा, 'अन्ना हजारे को आमरण अनशन पर बैठने के पागलपन के चलते गिरफ्तार किया गया, जबकि सरकार ने उनकी प्रमुख मांगे मान ली थीं।' उन्होंने कहा कि अनशन पर बैठने का उनका फैसला देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश है। उल्लेखनीय है कि शांति भंग होने की आशंका के मद्देनजर दिल्ली में अन्ना हजारे, अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसौदिया और किरन बेदी को एहतियातन मंगलवार सुबह हिरासत में ले लिया गया था। बाद में निजी मुचलका देने व जमानत लेने से इनकार करने पर अन्ना व उनके सहयोगियों को गिरफ्तार कर सात दिनों की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया।

अन्‍ना को भेजा गया तिहाड़ जेल, भोपाल में समर्थक की हत्‍या
नई दिल्‍ली. मजबूत लोकपाल के लिए मुहिम चला रहे अन्‍ना हजारे को सात दिन की न्‍यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। अन्‍ना ने पुलिस की इस शर्त को मानने से इनकार कर दिया कि वो धारा 144 का उल्‍लंघन नहीं करेंगे। टीम अन्‍ना ने भी बेल लेने से इनकार कर दिया है। इसके बाद उम्‍मीद है कि अन्‍ना के करीबी सहयोगियों को भी तिहाड़ जेल ले जाया जा सकता है। इस बीच, भोपाल में अन्‍ना समर्थक और इंडिया अगेंस्‍ट करप्‍शन से जुड़ी शेहला मसूद की गोली मार कर हत्‍या कर दी गई है। वह अन्‍ना के समर्थन में प्रदर्शन करने के लिए घर से निकली ही थीं कि किसी ने उनकी हत्‍या कर दी। हत्‍या की वजह पता नहीं चली है दिल्‍ली पुलिस ने आज सवेरे अन्‍ना हजारे और उनके सहयोगियों अरविंद केजरीवाल, किरन बेदी, शांति भूषण और मनीष सिसौदिया को गिरफ्तार किया। गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि अन्‍ना और उनके सहयोगियों ने दिल्‍ली पुलिस की कुछ शर्तें मानने से इनकार किया था इसलिए उन्‍हें गिरफ्तार किया गया है। अन्‍ना ने पुलिस की गिरफ्त में ही अनशन शुरू कर दिया है। उन्‍होंने हिरासत में लिए जाने से पहले देश की जनता के नाम वीडियो संदेश जारी किया। अन्‍ना हजारे को डीसीपी (वेस्‍ट) राजौरी गार्डन के दफ्तर पर ले जाया गया। वहां उनका मेडिकल चेकअप किया गया। इसके बाद उन्‍हें मजिस्‍ट्रेट के सामने पेश किया गया। इससे पहले जैसे ही यह खबर फैली कि अन्‍ना को छत्रसाल स्‍टेडियम में लाया जा रहा है, दिल्‍ली यूनिवर्सिटी के छात्रों सहित 8000 से अधिक लोग स्‍टेडियम पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। हालांकि टीम अन्‍ना ने कहा है कि वो जमानत नहीं लेगी और उनका अनशन जारी रहेगा।अन्‍ना और उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। कामिनी जायसवाल की ओर से दायर इस याचिका पर सुनवाई के दौरान वरिष्‍ठ वकील अनिल दीवान टीम अन्‍ना का पक्ष रखेंगे। टीम अन्‍ना के सदस्‍य और वरिष्‍ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा है कि टीम अन्‍ना की गिरफ्तारी संविधान के तहत देश के नागरिकों को प्राप्‍त मूल अधिकारों का उल्‍लंघन है। भ्रष्‍टाचार के खिलाफ उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्‍होंने बुधवार को शाम चार बजे इंडिया गेट से संसद भवन तक मार्च की घोषणा करते हुए इसमें अधिक से अधिक लोगों के हिस्‍सा लेने की अपील की। स्‍वामी अग्निवेश और जस्टिस हेगड़े ने अन्‍ना और सहयोगियों की गिरफ्तारी की निंदा की है।इस बीच सरकार की तरफ से केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा कि अन्‍ना को किसी राजनैतिक दबाव की वजह से गिरफ्तार नहीं किया गया है। ताजा राजनीतिक हालात पर राजनीतिक मामलों की कैबिनेट की बैठक के बाद सोनी ने संवाददाताओं से कहा कि पुलिस पर राजनैतिक दबाव नहीं था। उनकी गिरफ्तारी कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई क्योंकि उनके समर्थकों की भीड़ में कुछ असामाजिक तत्वों के शामिल होने का अंदेशा था। उन्‍होंने कहा कि किरन बेदी पूर्व पुलिस अधिकारी हैं ऐसे में उन्‍हें पुलिस के नियम कानून की जानकारी है। अन्‍ना की गिरफ्तारी पर गृह मंत्री पी चिदंबरम आज संसद में बयान देंगे। बीजेपी ने अन्‍ना और उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी को दुर्भाग्‍यपूर्ण करार देते हुए इस मामले में पीएम से दखल देने की मांग की है। पूर्वी दिल्‍ली के मयूर विहार के सुप्रीम इन्‍क्‍लेव में ठहरे अन्‍ना को उस वक्‍त गिरफ्तार किया गया जब वो यहां से निकलते हुए जेपी पार्क पहुंचने की तैयारी में थे। बाद में अरविंद केजरीवाल, शांति भूषण और किरण बेदी को भी गिरफ्तार किया गया। टीम अन्‍ना ने पुलिस की सभी शर्तें मानने से इनकार करते हुए आज से जेपी पार्क में अनशन की तैयारी की थी।

 

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बॉलिवुड के जिंदादिल ऐक्टर शम्मी कपूर का निधन

मुंबई।। अपनी बेजोड़ अदा के चलते पचास और साठ के दशक में बड़े पर्दे पर राज करने वाले जाने-माने ऐक्टर शम्मी कपूर का रविवार सुबह ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में निधन हो गया। वह 79 साल के थे। उनके परिवार में पत्नी नीला देवी, बेटा आदित्य राज और बेटी कंचन देसाई हैं। परिवार के सूत्रों के मुताबिक, शम्मी पिछले कुछ साल से डायलिसिस पर थे। शम्मी की किडनी ने काम करना बंद कर दिया था। उन्हें हफ्ते में कम से कम तीन बार डायलिसिस कराना पड़ता था। उन्हें शनिवार को हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। 1953 में बॉलिवुड में दस्तक देने वाले शम्मी की पहली फिल्म 'जीवन ज्योति' थी। 1961 में सुपरहिट फिल्म 'जंगली' ने उन्हें बड़े पर्दे की दुनिया में खास जगह दिला दी।

रामदेव बोले- 121 करोड़ अन्‍ना को नहीं पकड़ सकती सरकार, दिग्विजय ने कहा- गिरफ्तारी सही
नई दिल्ली. भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए सशक्त लोकपाल की मांग कर रहे गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे और उनके साथियों की गिरफ्तारी के बाद प्रतिक्रिया देते हुए योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा है कि अन्ना जी संविधान के खिलाफ नहीं हैं। हजारे के समर्थन में बाबा रामदेव ने केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा, 'सरकार एक अन्ना को गिरफ्तार कर सकती है लेकिन १२१ करोड़ लोगों को नहीं। हजारे को गिरफ्तार करना अवैधानिक, अलोकतांत्रिक और अनैतिक है। सरकार ही संविधान के खिलाफ है। अगर सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शन बर्दाश्त नहीं कर सकती तो एक लाइन का कानून बना दिया जाना चाहिए कि सत्ता पर काबिज पार्टी जो चाहेगी, वह करेगी। फिर हमें कानून की क्या जरूरत है? मेरा मानना है कि अन्ना जी शांतिपूर्ण अनशन कर रहे हैं तो उन्हें करने देना चाहिए।'
लेकिन पुलिसिया कार्रवाई को सही ठहराते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा है कि मौजूदा हालात को देखते हुए ही प्रशासन ने यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि सरकार का काम शांतिपूर्ण ढंग से कानून व्यवस्था बनाए रखना है। इसी वजह से अन्ना और उनके समर्थकों को गिरफ्तार किया गया है।
गौरतलब है कि कालेधन को देश में वापस लाए जाने और भ्रष्टाचार के खिलाफ दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन पर बैठे बाबा रामदेव और उनके समर्थकों पर चार जून को पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था। यह पूछे जाने पर कि इस आंदोलन से बाबा रामदेव दूर हैं? योग गुरु ने कहा, 'मैं आंदोलन से दूर नहीं हूं। रविवार को मैंने अन्ना के समर्थन में बयान जारी किया। सोमवार को इसी सिलसिले में प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी। मेरे कार्यकर्ताओं ने अन्ना जी के साथ गिरफ्तार दी है। भारत स्वाभिमान मंच के कई कार्यकर्ता गिरफ्तार हो चुके हैं।'

 

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