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झंडारोहण समारोह में शामिल होंगे राहुल नई दिल्ली,: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की गैरमौजूदगी में स्वाधीनता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में झंडारोहण समारोह में शिरकत के लिए उनके पुत्र राहुल गांधी दिल्ली पहुंच रहे हैं। हालांकि, पार्टी नेताओं की प्रबल इच्छा और मनुहार के बावजूद वह खुद झंडारोहण करेंगे, इसकी उम्मीद बेहद क्षीण है। रविवार को दोपहर तक कांग्रेस महासचिव और मीडिया विभाग के चेयरमैन जनार्दन द्विवेदी इस सस्पेंस से खुद पर्दा उठा देंगे। सूत्रों के मुताबिक अमेरिका में इलाज करा रहीं सोनिया गांधी की हालत में सुधार के बाद राहुल 15 अगस्त को झंडारोहण समारोह में शामिल होने के लिए वहां से रवाना हो रहे हैं। वह रविवार को नई दिल्ली पहुंच जाएंगे।
 
अब सीता रामायण..!
 
नई दिल्ली,  : जब भी रामायण या रामचरितमानस की बात होती है, तो राम के नजरिये और उन्हें केंद्र में रख कर ही कहा-सुना जाता है। अब थोड़ा डिफरेंट सोचिए। बेंगलूर में रहने वाली स्मिता अर्नी ने अंग्रेजी में सीताज रामायण (सीता की रामायण) लिखी है। यह न केवल अपनी सोच में अत्याधुनिक है, बल्कि इसका रूप भी नए जमाने के अनुकूल है। स्मिता ने इसे ग्राफिक नॉवेल के रूप में लिखा है। ग्राफिक नॉवेल, कॉमिक स्टि्रप्स (चित्रकथा) के रूप में लिखी गई कहानी है। स्मिता की लिखी कथा को पश्चिम बंगाल के पश्चिम मिदनापुर जिले के निर्भयपुर गांव में रहने वाली कलाकार, मोन्या चित्रकार ने लोकशैली के चित्रों से सजाया है। अमेरिका के माउंट होलयोक कॉलेज में धर्म और सिनेमा की पढ़ाई करने वाली स्मिता को क्यों रामकथा नए सिरे से कहने की जरूरत महसूस हुई? वह कहती हैं कि मैंने कई भाषाओं में रामकथा के कई-कई संस्कण पढ़े। मुझे सबसे दुखद पक्ष सीता की अग्निपरीक्षा का लगता था। मैंने पाया कि सभी रामकथाओं में अग्निपरीक्षा को बहुत ग्लैमर प्रदान किया गया। स्मिता कहती हैं, सच यह है कि युद्ध में सिर्फ पुरुष ही नायक के रूप में उभरते हैं। जबकि स्ति्रयां हर प्रकार से पराजित होती हैं। वे अपने पिता, पति और पुत्रों को खोती हैं। वे वैध्यव्य झेलती हैं। कष्ट उठाती हैं। उन्हें युद्ध में कोई श्रेय नहीं मिलता। यही सीता के साथ हुआ।
 
आइपीएस शर्मा से 30 दिन में मांगा जवाब
गुजरात दंगों से जुड़े फोन कॉल्स की सीडी अपने पास रखने के आरोप में गुजरात सरकार ने आखिरकार आइपीएस राहुल शर्मा को आरोपपत्र थमा दिया। राज्य सरकार ने आइपीएस शर्मा को कदाचार का दोषी ठहराते हुए 30 दिन के भीतर आरोपपत्र का जवाब देने को कहा है। गृह विभाग के अतिरिक्त सचिव वरेश सिन्हा द्वारा शुक्रवार शाम को जारी आरोपपत्र में कहा गया है, आरोपी राहुल शर्मा 24 मार्च 2002 से 3 जुलाई 2002 तक पुलिस नियंत्रण कक्ष में डीसीपी के पद पर तैनात थे। इस दौरान उन्होंने दंगों की जांच के लिए मोबाइल कंपनियों से जो कॉम्पेक्ट डिस्क और सीडी प्राप्त कीं, उन्हें अवैध रूप से अपने पास रख लिया। उन्होंने इन्हें दंगों की जांच के लिए नियुक्त सुपरवाइजर अफसर पीपी पांडे को उपलब्ध नहीं कराया। सरकार ने शर्मा पर फोन कॉल्स की सीडी के साथ छेड़छाड़ के अलावा यह भी आरोप लगाया है कि उन्होंने राज्य सरकार की मंजूरी के बिना ये सीडी दंगों की जांच कर रहे नानावती आयोग और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित विशेष जांच दल (एसआइटी) को उपलब्ध करा दी। राजकोट के डीआइजी शर्मा फरवरी, 2002 में गुजरात दंगों के दौरान भावनगर में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थे। कहा जाता है कि उन्होंने एक हिंसक भीड़ को मदरसे पर हमला करने से रोक दिया था, जिसके बाद उनका तबादला अहमदाबाद पुलिस नियंत्रण कक्ष में कर दिया गया था। अहमदाबाद के तत्कालीन पुलिस आयुक्त पीपी पांडे ने शर्मा को अहमदाबाद के ही नरोड़ा-पाटिया दंगे की जांच सौंपी थी। जांच के दौरान ही शर्मा ने दंगे के समय मुख्यमंत्री कार्यालय, भाजपा सरकार व संगठन के कई आला नेताओं और विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों के साथ पुलिस अधिकारियों की बातचीत का ब्योरा जुटाया था। इसी आधार पर ही मोदी सरकार की महिला एवं बाल कल्याण राज्य मंत्री मायाबेन कोडनानी को मंत्री पद से हाथ धोना और जेल जाना पड़ा था।
  
  
  
  
  
  
  
  
  
  
  
  
  
  
बॉलिवुड के जिंदादिल ऐक्टर शम्मी कपूर का निधन

मुंबई।। अपनी बेजोड़ अदा के चलते पचास और साठ के दशक में बड़े पर्दे पर राज करने वाले जाने-माने ऐक्टर शम्मी कपूर का रविवार सुबह ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में निधन हो गया। वह 79 साल के थे। उनके परिवार में पत्नी नीला देवी, बेटा आदित्य राज और बेटी कंचन देसाई हैं। परिवार के सूत्रों के मुताबिक, शम्मी पिछले कुछ साल से डायलिसिस पर थे। शम्मी की किडनी ने काम करना बंद कर दिया था। उन्हें हफ्ते में कम से कम तीन बार डायलिसिस कराना पड़ता था। उन्हें शनिवार को हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। 1953 में बॉलिवुड में दस्तक देने वाले शम्मी की पहली फिल्म 'जीवन ज्योति' थी। 1961 में सुपरहिट फिल्म 'जंगली' ने उन्हें बड़े पर्दे की दुनिया में खास जगह दिला दी।

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